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लखनऊ|आज हमें जरूरत है उन बाल बलिदानियों को याद करने की, जिन्हें आजादी के 75 वर्ष बाद हम भूल गए हैं। इसके साथ ही उन लाखों वीर पुरुषों को भी याद करने की जरूरत है, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान किया है। ऐसे बलिदानियों के बारे में नई पीढ़ी को बताने की जरूरत है, ताकि उनकी प्रेरणा से हम एक नए भारत का निर्माण कर सकें। यह वर्ष देश की नई पीढ़ी को सभी बलिदानियों और प्रेरित करने वाली असंख्य घटनाओं को स्मरण कराने का है। उक्त उद्गार विद्या भारती हरियाणा के संगठन मंत्री रवि जी ने आज़ादी के अमृत महोत्सव पर आयोजित राष्ट्रहित सर्वोपरि कार्यक्रम के दूसरे अंक में व्यक्त किए। यह कार्यक्रम सरस्वती कुंज, निराला नगर के प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) उच्च तकनीकी (डिजिटल) सूचना संवाद केन्द्र में विद्या भारती, एकल अभियान, इतिहास संकलन समिति अवध, पूर्व सैनिक सेवा परिषद एवं विश्व संवाद केन्द्र अवध के संयुक्त अभियान में चल रहा है। 

मुख्य अतिथि कैप्टन शत्रुघ्न सिंह जी ने कहा कि यह अमृत महोत्सव कार्यक्रम जो हम मना रहे है, ये उन पूवर्जों के लिए भी है, जो यहां नहीं है। आज पूरा देश गौरव के साथ कह सकता है कि इसके माध्यम से हमें अपने देश के बारे में जानने का मौका मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जो हमारा राष्ट्रहित है, वह हमारे जीवन से सर्वोपरि है। हम चाहें जिस फील्ड से हो, हमें अपने देश को सर्वोपरि ही रखना चाहिए।

विद्या भारती हरियाणा के संगठन मंत्री श्री रवि जी ने कहा कि हम एक स्वतंत्र भारत में रह सके और आगे बढ़ सकें, इसके लिए हमारे पूर्वजों ने अनेकों बलिदान दिये हैं। उनके इस बलिदान को आज हमारी नई पीढ़ी को जानने और उनसे प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। साथ ही हमारे देश  की स्वतंत्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए अपना बलिदान देने वाले वीर सैनिकों से भी हमें प्रेरणा लेनी चाहिए।

विशिष्ट अतिथि कर्नल एल.के. तिवारी जी ने कहा कि जहां पर राष्ट्र और राष्ट्र हित के बारे में सोचने वाले लोग हैं, वहां धर्म सुरिक्षत है। उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने हमारी संस्कृति को नष्ट करने का प्रयास किया, ऐसे में हमें नई पीढ़ी को जागरूक करना और उनके अंदर राष्ट्र भावना का निर्माण करना है, जिससे वह अच्छे नागरिक बन सकें। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करने के लिए तीन मंत्र (स्व अनुशासन, प्रेरणा और जूनून) दिए। उन्होंने कहा कि इन तीन मंत्रों को याद रखेंगे तो आपकी विजय निश्चित है। 

गोसेवा आयोग के अध्यक्ष प्रो. श्याम नंदन सिंह जी ने कहा कि हमारे इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है, हमें बताया गया कि आजादी हमें बिना खड्ग और डाल के मिल गई, जबकि ये सत्य नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारे देश के लाखों लोगों ने बलिदान दिया है, उसके बाद हमें ये आजादी हासिल हुई है। उन्हीं भूले-बिसरे बलिदानियों को याद करने के लिए अमृत महोत्सव जैसे कार्यक्रमों को आयोजन जरूरी है। सूबेदार मेजर जेबीएस चौहान, विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के बालिका शिक्षा प्रमुख उमाशंकर जी और भाजपा विधायक माधवेन्द्र प्रताप सिंह जी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

स्क्वाड्रन लीडर राखी अग्रवाल जी ने कार्यक्रम की प्रस्ताविकी रखी। इस अवसर पर कैप्टन शत्रुघ्न सिंह पर बनी डाक्यूमेंट्री को भी दिखाया गया है। इससे पहले देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत व उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत 13 अन्य अफसरों के हेलीकॉप्टर दुर्घटना में निधन पर दो मिनट का मौन रख कर श्रद्धांजलि दी गई।

कार्यक्रम में आए अतिथियों का परिचय विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के अवध प्रांत के प्रदेश निरीक्षक श्री राजेन्द्र बाबू जी ने कराया और आभार ज्ञापन एकल अभियान के अखिल भारतीय महामंत्री माधवेन्द्र जी ने किया। कार्यक्रम का संचालन विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रचार प्रमुख श्री सौरभ मिश्रा जी ने किया। इस कार्यक्रम में विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के सह प्रचार प्रमुख श्री भास्कर दूबे, सुश्री शुभम सिंह, कार्यक्रम संयोजक डॉ. मुकेश जी, सरस्वती विद्या मंदिर जानकीपुरम की छात्राएं सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

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