पीपल के पत्तो पर माँ और बच्चों की आकृतियाँ बनाकर शिक्षिका व चित्रकार कल्पना ने माँ के प्रेम क़ो किया व्यक्त

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गोला गोकर्णनाथ ।अलीगंज क्षेत्र के ग्राम मुस्तफाबाद की शिक्षिका व चित्रकार कल्पना ने पीपल के पत्तो पर माँ और बच्चों की आकृतियों क़ो बनाकर बताया कि पहली नजर का प्यार क्या होता है ।ये सवाल कोई उस महिला से पूछे जिसके सामने पहली बार उसका नवजात शिशु आया हो ।माँ और बच्चे का रिश्ता इस दुनिया में सबसे खूबसूरत और अनमोल होता है । माँ के प्यार, त्याग और समर्पण क़ो शब्दो में बता पाना आसान नहीं है ।

             कल्पना ने बताया कि शिक्षिका होने के नाते मदर्स डे क्यों मनाया जाता है । इसका प्रमुख कारण क्या है ? माँ के सम्मान में हर साल मई के दूसरे रविवार क़ो मदर्स डे मनाया जाता है । इस दिन बच्चे अपनी माँ से अपनी जिंदगी में उनकी क्या जगह है इस बात क़ो बताने के लिए बच्चे तमाम तरीके अपनाते हैं। 

               मातृ दिवस की शुरुआत क़ो लेकर कई किससे प्रचलित हैं । जिनके मुताबिक मदर्स डे सेलिब्रेट करने की शुरुआत ग्रीस से हुई । ग्रीस के लोग अपनी माताओं के प्रति विशेष सम्मान रखते थे । इस सम्मान क़ो दर्शाने के लिए वें इस दिन उनकी पूजा करते थे । मान्यताओं के अनुसार स्य्बेले ग्रीक देवताओं की माँ थी और ग्रीस के लोग स्य्बेले की पूजा करते थे । मई के दूसरे रविवार क़ो मनाने का कारण ऐसा माना जाता है कि साल 1914 में अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक कानून पास किया था जिसके मुताबिक मई महीने के दूसरे रविवार क़ो मातृ दिवस मनाया जाएगा । तब से भारत समेत कई देशो में इसे मनाया जाने लगा ।

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